सुजय ने यह भी दावा किया कि भर्ती भ्रष्टाचार मामले में उनके पास कोई पैसा जमा नहीं किया गया है
कोलकाता। केंद्रीय एजेंसियों ने टीएमसी नेताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी की एक बड़ी टीम शनिवार सुबह ‘कालीघाट के काकू’ के नाम से प्रसिद्ध सुजय कृष्ण भद्र के घर पर रेड मारी है। केंद्रीय जांच टीम के सदस्य कालीघाट में काकू के फकीरपारा रोड, बेहाला में फ्लैट, मकान, दफ्तर समेत कई जगहों पर छापेमारी कर रहे हैं। हाल ही में सीबीआई ने सुजय कृष्ण भद्र के फ्लैट की तलाशी ली थी। उस वक्त सीबीआई ने ‘काकू’ के घर से कई लाख की नकदी जब्त की थी। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि बहन ने अस्पताल में भर्ती और चिकित्सा बिलों का भुगतान करने के लिए पैसे रखे थे।‘काकू’ ने दावा किया था कि यह उसकी भाभी के बेटे को नगर निगम की नौकरी की परीक्षा के लिए दिया गया प्रवेश पत्र था। इसके अलावा उनका एक फोन भी जब्त किया गया है। तृणमूल अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को शनिवार को एक अन्य केंद्रीय जांच एजेंसी, सीबीआई से समन मिला। वह आज हाजिर होंगे।
जांचकर्ताओं के सूत्रों के अनुसार पता चला सुजयकृष्ण भद्र को इससे पहले सीबीआई ने दो बार समन भेजा था। हालांकि वे पहली बार पेश हुए थे, लेकिन बाद में वे हाजिर नहीं हुए। इसके बजाय उन्होंने वकील के हाथों दस्तावेज भेजे थे।सुजय को पता था कि उस वक्त उनसे कुछ दस्तावेज मांगे गए थे। उन्हें वकील के पास भेज दिया गया है। उन्होंने खुद कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी और बेटी के बैंक खाते के दस्तावेज एक वकील के जरिए भिजवाए हैं।तपस मंडल, जिस पर भर्ती भ्रष्टाचार का आरोप है, ने सीबीआई को दावा किया कि अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी दिलाने का वादा करते हुए कुंतल उन्हें आश्वासन दिया था कि उनकी सुजय से बात हो गई है। चिंता की कोई बात नहीं है।”ईडी सूत्रों के मुताबिक कुंतल घोष के कालीघाट ‘काकू’ का राज्य में एक प्रभावशाली शीर्ष नेता से सांठगांठ है। तभी से सुजय केंद्रीय जांच एजेंसी की निगरानी में हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक शनिवार को एक बार फिर उनसे पूछताछ की जा रही है।
हालांकि, कुंतल ने दावा किया कि वह ‘काकू’ को नहीं जानते। कुंतल ने यह भी दावा किया कि जिस सुजय से पूछताछ की जा रही है। वह ‘कालीघाट का काकू’ नहीं है। तापस और कुंतल के परस्पर विरोधी बयानों से रहस्य और भी जटिल हो गया है।सुजय ने खुद मीडिया को बताया कि उन्हें ‘कालीघाट का काकू’ क्यों कहा जाता है, यह उनके लिए स्पष्ट नहीं है। सुजय ने यह भी दावा किया कि भर्ती भ्रष्टाचार मामले में उनके पास कोई पैसा जमा नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा, मेरा कार्यक्षेत्र न्यू अलीपुर है। ‘कालीघाट के काकू’ शब्द कहां से आया, यह कहना मेरे लिए संभव नहीं है। सुजय ने यह भी दावा किया कि उनके ‘साहब’ तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी हैं। वह 2009 से अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में काम कर रहा है। किसी भी ताकत नहीं है कि जो अभिषेक बनर्जी को हाथ लगा सके।